गाँव का उत्सव

अशोक सविता और उसकी सबसे पक्की सहेली शोभा को साथ लेकर अपने गाँव गया हुआ है.

गाँव में ठाकुरों ने नई फसल आने की खुशी में उत्सव का आयोजन किया है.

इस उत्सव में कई सुंदर नाचने वालियाँ बुला रखी हैं पर सविता के चचिया ससुर की नजर नर्तकियों से ज्यादा सविता पर है.

तो सविता भाभी के प्रकरण 41 ‘गाँव का उत्सव’ में देखिए कि सविता और उसकी सहेली शोभा क्या गुल खिलाती हैं !

अशोक सविता और उसकी सबसे पक्की सहेली शोभा को साथ लेकर अपने गाँव गया हुआ है.

गाँव में ठाकुरों ने नई फसल आने की खुशी में उत्सव का आयोजन किया है.

इस उत्सव में कई सुंदर नाचने वालियाँ बुला रखी हैं पर सविता के चचिया ससुर की नजर नर्तकियों से ज्यादा सविता पर है.

तो सविता भाभी के प्रकरण 41 ‘गाँव का उत्सव’ में देखिए कि सविता और उसकी सहेली शोभा क्या गुल खिलाती हैं !