जुड़वां चक्कर : भाग 2

दफ़्तर के किसी जरूरी काम से बाहर जाने को मजबूर अशोक, सविता को उसके अकेलेपन में साथ देने के लिए पड़ोस में रहने वाले दो लड़कों को रात के खाने पर आमंत्रित करने का सुझाव देता है। पर वह यह नहीं जानता कि हमारी भाभी की योजना लड़कों को भोजन के अलावा और भी बहुत कुछ परोसने की है।

जुड़वाँ कामवासना के भूख़े जुड़वाँ लड़कों के साथ सविता अकेले घर में, और ऊपर से उनमें से एक को भी यह नहीं पता कि दूसरा भी पहले से ही सविता को चोद चुका है, अब वो कैसे संभालेगी दोनो को ? पता लगाने के लिए देख़े – जुड़वाँ चक्कर- भाग- 2

दफ़्तर के किसी जरूरी काम से बाहर जाने को मजबूर अशोक, सविता को उसके अकेलेपन में साथ देने के लिए पड़ोस में रहने वाले दो लड़कों को रात के खाने पर आमंत्रित करने का सुझाव देता है। पर वह यह नहीं जानता कि हमारी भाभी की योजना लड़कों को भोजन के अलावा और भी बहुत कुछ परोसने की है।

जुड़वाँ कामवासना के भूख़े जुड़वाँ लड़कों के साथ सविता अकेले घर में, और ऊपर से उनमें से एक को भी यह नहीं पता कि दूसरा भी पहले से ही सविता को चोद चुका है, अब वो कैसे संभालेगी दोनो को ? पता लगाने के लिए देख़े – जुड़वाँ चक्कर- भाग- 2