काम या और मज़ा !

हर रोज की तरह मिश्राजी को आज भी सविता के गर्म बदन की जरूरत है क्योंकि वह उसे हर दिन ही अपने कार्यालय में चोदते हैं। लेकिन आज तो सविता का पति अशोक को उसे कार्यालय से जल्दी लेने आ रहा है।

क्या करेगी सविता अब?

क्या सविता आज भी मिश्राजी से चुदने का जोखिम उठाएगी जबकि उसका पति बाहर उसका इंतज़ार कर रहा है?

और कार्यालय के अन्य कर्मचारी जैसे शालिनी और कार्यालय के लड़के, ये सब क्या करेंगे? क्या वे सविता के इस अतिरिक्त कर्तव्य पालन में उसकी मदद करेंगे? – या बस घट रही घटनाओं का मज़ा लेंगे?

यह सब जानने के लिए पढ़ें सविता भाभी की अट्ठाइसवीं कड़ी – काम या और मज़ा !

हर रोज की तरह मिश्राजी को आज भी सविता के गर्म बदन की जरूरत है क्योंकि वह उसे हर दिन ही अपने कार्यालय में चोदते हैं। लेकिन आज तो सविता का पति अशोक को उसे कार्यालय से जल्दी लेने आ रहा है।

क्या करेगी सविता अब?

क्या सविता आज भी मिश्राजी से चुदने का जोखिम उठाएगी जबकि उसका पति बाहर उसका इंतज़ार कर रहा है?

और कार्यालय के अन्य कर्मचारी जैसे शालिनी और कार्यालय के लड़के, ये सब क्या करेंगे? क्या वे सविता के इस अतिरिक्त कर्तव्य पालन में उसकी मदद करेंगे? – या बस घट रही घटनाओं का मज़ा लेंगे?

यह सब जानने के लिए पढ़ें सविता भाभी की अट्ठाइसवीं कड़ी – काम या और मज़ा !