अशोक घर में !

आखिर सविता के पति अपनी बीजी दिनचर्या से वक्त निकाल कर अपनी पत्नी को चोदने का मन बनाते हैं पर किस्मत से सविता भाभी की माँ की तबियत ख़राब हो जाती है और वो अपने मायके चली जाती हैं। इस कड़ी में उसके पति बहुत से लोगों से मिलते हैं जो सविता भाभी की चूत का रसपान कर चुके हैं। पहला व्यक्ति केबल रिपेयर करने वाला होता है तो दूसरा शॉप कीपर। ये सभी भाभी के हुस्न के जाल में कभी ना कभी फंस चुके थे।

आखिर सविता के पति अपनी बीजी दिनचर्या से वक्त निकाल कर अपनी पत्नी को चोदने का मन बनाते हैं पर किस्मत से सविता भाभी की माँ की तबियत ख़राब हो जाती है और वो अपने मायके चली जाती हैं। इस कड़ी में उसके पति बहुत से लोगों से मिलते हैं जो सविता भाभी की चूत का रसपान कर चुके हैं। पहला व्यक्ति केबल रिपेयर करने वाला होता है तो दूसरा शॉप कीपर। ये सभी भाभी के हुस्न के जाल में कभी ना कभी फंस चुके थे।