व्यभिचारी पत्नी

सविता का रेस्टोरेंट का व्यवसाय उम्मीद से भी बेहतर चलने लगता है, इतना कि अशोक को भी अपनी पत्नी की सफलता को स्वीकार करने पे विवश होना पड़ता है. इन सबसे उपर उसे ये एह्सास होने वो सविता को बहुत कमतर आंकने लगा था. फिर अशोक अपने रिश्तों में सुधार को एक विशेष तरीके से सेलिब्रेट करना चाहता है. लेकिन ये कोई आम विवाहित जोड़े का “डेट नाइट” नहीं था. अशोक अपनी पत्नी के लिए एक बड़ा सरप्राइज लेके आता है. और अपनी पत्नी के साथ अपनी कल्पनाओं को मूर्त रूप दे रहा होता है, जब तक कि सविता भी इसमें शामिल नहीं हो जाती. अशोक अपनी पत्नी सविता के सालों से चले आ रहे सेक्सी कृत्यों के बारे में कितना जानता है? और वो इसे अब क्यों ले आया है??

सविता का रेस्टोरेंट का व्यवसाय उम्मीद से भी बेहतर चलने लगता है, इतना कि अशोक को भी अपनी पत्नी की सफलता को स्वीकार करने पे विवश होना पड़ता है. इन सबसे उपर उसे ये एह्सास होने वो सविता को बहुत कमतर आंकने लगा था. फिर अशोक अपने रिश्तों में सुधार को एक विशेष तरीके से सेलिब्रेट करना चाहता है. लेकिन ये कोई आम विवाहित जोड़े का “डेट नाइट” नहीं था. अशोक अपनी पत्नी के लिए एक बड़ा सरप्राइज लेके आता है. और अपनी पत्नी के साथ अपनी कल्पनाओं को मूर्त रूप दे रहा होता है, जब तक कि सविता भी इसमें शामिल नहीं हो जाती. अशोक अपनी पत्नी सविता के सालों से चले आ रहे सेक्सी कृत्यों के बारे में कितना जानता है? और वो इसे अब क्यों ले आया है??