एक पारिवारिक मामला

अपनी विदेश में बितायी गयी सेक्सी छुट्टियों से लौटने के बाद सविता और उसका परिवार सामान्य जीवन व्यतीत करने का प्रयास कर रही होती हैं. लेकिन जब आयुष और अशोक छुट्टियों की यादों और वहाँ से लायी चीजों को साझा करने अपने पारिवारिक दोस्तों के साथ निकल जाते हैं तो सविता और पूजा स्वयं को अंकल जी और समर के साथ अकेला पाती हैं…….और छुट्टियों पे लगी बुरी आदतें उन्हें फिर से गलत बिस्तर में ले जाती हैं.

अपनी विदेश में बितायी गयी सेक्सी छुट्टियों से लौटने के बाद सविता और उसका परिवार सामान्य जीवन व्यतीत करने का प्रयास कर रही होती हैं. लेकिन जब आयुष और अशोक छुट्टियों की यादों और वहाँ से लायी चीजों को साझा करने अपने पारिवारिक दोस्तों के साथ निकल जाते हैं तो सविता और पूजा स्वयं को अंकल जी और समर के साथ अकेला पाती हैं…….और छुट्टियों पे लगी बुरी आदतें उन्हें फिर से गलत बिस्तर में ले जाती हैं.