एक पत्नी का बलिदान

बार्सिलोना में छुट्टियों के दौरान अशोक काफी शराब पी लेता है और एक वैश्या के साथ पाए जाने पे गिरफ्तार कर लिया जाता है. जब स्थिति को संभालने के लिए सविता पुलिस स्टेशन पहुँचती है तो दो पुलिस ऑफिसर सविता को धमकाते हैं की वो अशोक को लॉकअप से ले जाकर जेल में डाल देंगे, जिससे अशोक की प्रतिष्ठा खत्म हो जायेगी. अंततः सविता अपने पति को छुडाने हेतु एक पत्नी द्वारा किया गया अप्रतिम बलिदान करती है: पुलिस ऑफिसरों के काले डंडों को असीम आनन्द पहुंचाते हुए.

बार्सिलोना में छुट्टियों के दौरान अशोक काफी शराब पी लेता है और एक वैश्या के साथ पाए जाने पे गिरफ्तार कर लिया जाता है. जब स्थिति को संभालने के लिए सविता पुलिस स्टेशन पहुँचती है तो दो पुलिस ऑफिसर सविता को धमकाते हैं की वो अशोक को लॉकअप से ले जाकर जेल में डाल देंगे, जिससे अशोक की प्रतिष्ठा खत्म हो जायेगी. अंततः सविता अपने पति को छुडाने हेतु एक पत्नी द्वारा किया गया अप्रतिम बलिदान करती है: पुलिस ऑफिसरों के काले डंडों को असीम आनन्द पहुंचाते हुए.