द्वितीय कड़ी

बजाज परिवार के पड़ोस में एक बांका नौजवान रहने आया है और नवयौवना मेघना उस पर पहले ही मर मिटी है।

क्या वो उस सजीले युवक का सानिध्य प्राप्त कर पाएगी या वो उसकी कल्पनाओं में ही बस कर रह जाएगा?

इसी बीच रुचि चाहती है कि उसके पति को शक ना हो कि वह अपने ही बॉस से चुद रही है।

यह एक उलझा हुआ चिपचिपा सा जाल बुना जा रहा है किनारा लेन में !

अपने को इस जाल में उलझा लेने के लिए किनारा लेन की दूसरी कड़ी पढ़ें – पड़ोस वाला लड़का !

बजाज परिवार के पड़ोस में एक बांका नौजवान रहने आया है और नवयौवना मेघना उस पर पहले ही मर मिटी है।

क्या वो उस सजीले युवक का सानिध्य प्राप्त कर पाएगी या वो उसकी कल्पनाओं में ही बस कर रह जाएगा?

इसी बीच रुचि चाहती है कि उसके पति को शक ना हो कि वह अपने ही बॉस से चुद रही है।

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